वातेष्टि से हवन करके पेट गैस को शांत करें

आजकल वातेष्टि हवन सामग्री की खूब चर्चा हो रही है क्योंकि ये पेट में बन रहे गैस एवं एसिडिटी को शांत करता है। इस पोस्ट में हम पतंजलि आयुर्वेद में बनाया गया वातेष्टि से हवन सामग्री की बात करेंगे जिसके जरिए आप अपने पेट के समस्याओं को दूर कर पाएंगे।

हवन के द्वारा बीमारियों को दूर करने की प्रक्रिया को धूम्र चिकित्सा कहा जाता है। इसमें हवन से निकला हुआ धूम्र व्यक्ति के नाक के द्वारा शरीर में प्रवेश करता है और फिर वो कई तरह के रोगों का चिकित्सा करता है।

हवन क्या होता है?

हजारों साल पहले ऋषि मुनि हवन किया करते थे और इसे हम किसी न किसी टीवी सीरियल या धारावाहिक में देखा करते हैं।

लेकिन हमें लगता है कि हवन सिर्फ भगवान को खुश करने के लिए किया जाता है लेकिन स्वामी रामदेव जी ने हवन को घर घर पहुंचा दिया और आज सभी लोग अपने घर में हवन कर रहे हैं क्योंकि इसका अनोखा लाभ है।

अगर आप शुद्ध हवन सामग्री से एवं शुद्ध घी से अपने घर में हवन करते हैं तो हवन से निकला हुआ धूम्र या धुआं सूक्ष्म रूप में हमारे नाक के द्वारा हमारे शरीर में जाता है और हमारे शरीर से कई सारी बीमारियों को मिटाता है।

साथ ही साथ हवन हमारे घर से नेगेटिव शक्ति को दूर करता है और पॉजिटिव ऊर्जा को लाने में मदद करता है एवं हवन हमारे वातावरण को भी शुद्ध करता है।

पतंजलि ने अलग-अलग बीमारियों के हिसाब से अलग-अलग तरह के हवन सामग्री बनाए हैं जैसे वातेष्टि वात रोगों के लिए, कफेष्टि कफ रोगों के लिए ह्रदयेष्टि हृदय रोगों के लिए इत्यादि।

इस पोस्ट में हम वातेष्टि हवन सामग्री के बारे में बात करेंगे जिसे करके हम अपने पेट में बन रहे गैस एवं एसिडिटी को दूर कर सकते हैं साथ ही साथ इससे हमारा वातावरण भी शुद्ध होता है।

हवन करके पेट गैस को शांत करें

अगर आपके पेट में गैस बन रहा है एसिडिटी हो रही है या इसके अलावा arthritis, joint pain, stiffness, cervical, sciatica इत्यादि का समस्या है तो आप वातेष्टि हवन सामग्री से हवन कर सकते हैं इसके लिए सबसे पहले आप पतंजलि स्टोर से या ऑनलाइन माध्यम से वातेष्टि हवन सामग्री को मंगा लें।

ये करीब 165 रुपए के आसपास में एक चार सौ ग्राम का पैकेट आपको मिल जाएगा। वातेष्टि हवन सामग्री मंगाने के लिए आप https://www.patanjaliayurved.net/ पर जाने के बाद अपना अकाउंट बनाकर यहां से ऑर्डर कर सकते हैं।

वातेष्टि से हवन करने का तरीका

किसी भी तरह के हवन सामग्री से हवन करने का तरीका एक ही होता है इसके लिए आप एक धूप दानी मिट्टी से बना हुआ कुम्हार के यहां से मंगा लें ये आपको 10 रुपए में मिल जाएगा।

अगर आपके पास पीतल का हवन कुंड है तो अति उत्तम लेकिन अगर आपका बजट कम है तो आप ₹10 का धूप दानी कुम्हार के यहां से भी मंगा सकते हैं।

अब आपके पास शुद्ध देसी घी होना चाहिए इसके लिए आप चाहे तो पतंजलि से ही घी मंगा सकते हैं।

इसके अलावा आपके पास गोबर से बना हुआ समीधा या उपला कह सकते हैं होना चाहिए या फिर आप चाहे तो पीपल का सूखा लकड़ी भी ले सकते हैं।

इसके अलावा आप शुद्ध कपूर मंगा ले और वातेष्टि से हवन हवन सामग्री बस इतनी सारी चीजें आपके पास होना चाहिए।

सबसे पहले हवन कुंड में गाय के गोबर का बना हुआ समिधा या उपला को रखें और फिर उसके बीच में कपूर रख दें और फिर कपूर में आग जला दें।

अब हवन में थोड़ा-थोड़ा करके घी डालें और जब आग जलने लगे तो उसके ऊपर वातेष्टि हवन सामग्री से थोड़ा-थोड़ा करके डालें।

जब आप आग में वातेष्टि हवन सामग्री को डालेंगे तो इसे आहुति देना कहा जाता है और आहुति देते समय ओम् का जाप भी आप कर सकते हैं।

अगर आप कमरे के अंदर हवन कर रहे हैं तो फिर आपके घर के खिड़की और दरवाजा खुला होना चाहिए ताकि धूम्र निकले और फिर खिड़की एवं दरवाजे से बाहर निकल जाए घर के अंदर बहुत सारा धुआं इकट्ठा नहीं होना चाहिए।

हवन से निकला हुआ धूम्र ही हमारे नाक के द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करता है और वो हमारे शरीर के बीमारियों को ठीक करता है साथ ही साथ जब वो धूम्र ऊपर वातावरण में जाता है तो वातावरण को भी शुद्ध करता है।

हवन करने का तरीका सीखने के लिए हमारे पिछला पोस्ट हवन कैसे करें को पढ़ें यहां पर और भी विस्तार से जानकारियां बताई गई है।

वातेष्टि हवन सामग्री में डाला गया घटक

  • निर्गुंडी पंचांग
  • रसना पत्ता
  • अश्वगंधा जड़
  • पुनर्नवा रिष्ट
  • बाला पंचांग
  • नागरमोथा रूट
  • अजवाइन
  • अमलतास फिस्टुला
  • Parijat Panchang
  • सालाइगुगुल गोंद
  • कपूर वुड
  • गिलोय तना

वात रोगों के लिए हवन

वातेष्टि हवन सामग्री से हवन करने पर वात रोगों में काफी लाभ मिलता है क्योंकि वातेष्टि हवन सामग्री को वात रोगों में काम आने वाली जड़ी बूटियों को मिलाकर ही बनाया गया है।

वातेष्टि से हवन करते समय अगर की तैलीय लकड़ी का उपयोग भी काफी लाभदायक होता है इसके साथ ही तेजपत्ता भी हवन में डाला जाता है क्योंकि ये भी वात रोगों को शांत करता है।

हवन की अग्नि में तेज पत्ता डालने से मच्छर मक्खी भी दूर होते हैं और साथ ही आप नीम का तेल भी हवन में डाल सकते हैं इससे भी वात रोग शांत होते हैं।

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सारांश

ऊपर हमने वातेष्टि हवन सामग्री के द्वारा वात रोगों को ठीक करने एवं हवन करने की प्रक्रिया और विधि के बारे में जाना।

वात रोगों में सैकड़ों प्रकार की शरीर में त्रुटियां होती है इसके लिए आप योग प्राणायाम के साथ हवन कर सकते हैं और यदि आपके पास रोज हवन करने के लिए समय नहीं है तो कम से कम 1 सप्ताह में दो बार जरूर किया करें।

अगर अभी भी आपके पास वातेष्टि हवन सामग्री से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे कमेंट करके हमें जरूर बताएं हमें आपके सवालों का जवाब देने में खुशी होगी।

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