अल्सरेटिव कोलाइटिस का आयुर्वेदिक इलाज हिंदी में

इस पोस्ट में हम अल्सरेटिव कोलाइटिस का आयुर्वेदिक इलाज हिंदी में जानेंगे क्योंकि इस बीमारी के वजह से हमारा शरीर धीरे-धीरे कमजोर होते जाता है एवं शौच के रास्ते हमारे शरीर के जरूरी पोषक निकल जाते हैं।

कोलाइटिस क्या है?

आंतों के कमजोर हो जाने पर हमारा भोजन पचना बंद हो जाता है हम कुछ भी खाते हैं और तुरंत ही शौच के लिए जाना पड़ता है क्योंकि खाना हमारे लिवर में टिक नहीं पाता है हम ऊपर से खाते हैं और थोड़ी ही देर बाद वो नीचे से निकल जाता है इसी को कोलाइटिस कहा जाता है।

अंग्रेजी दवाओं के द्वारा कोलाइटिस के इलाज बहुत मुश्किल होता है लेकिन आयुर्वेद में इस बीमारी का रामबाण इलाज है और आप पहले ही दिन से इस बीमारी से निजात पा सकते हैं।

कोलाइटिस को आंव संग्रहणी भी बोला जाता है गांव एरिया में इसे आंव आना बोलते हैं इसमें शौच बिल्कुल ढीला ढीला एवं चिकना चिकना सा होता है।

एक बार कोलाइटिस या आंव हो जाने के बाद हम जो भी चीजें खाते हैं वो आधे घंटे के अंदर ही शौच के रास्ते निकल जाता है और इस स्थिति में हमारे शरीर में खून बनना बंद हो जाता है एवं हड्डियां कमजोर होने लगती है। ये भी पढ़ें: खुबकला क्या है

अल्सरेटिव कोलाइटिस का आयुर्वेदिक रामबाग इलाज

अल्सरेटिव कोलाइटिस का आयुर्वेदिक इलाज हिंदी में

अब हम कोलाइटिस या आंव के बीमारी में आयुर्वेदिक इलाज बताएंगे जिसको करके आप पहले दिन से ही स्वस्थ हो सकते हैं एवं इस इलाज को हम खुद भी अपने ऊपर एवं अपने घर के सदस्यों के ऊपर प्रयोग किया है।

कोलाइटिस या आंव के बीमारी होने पर आप सुबह खाली पेट चार चम्मच कुटजारिष्ट एक गिलास में डालें एवं उसमें चार चम्मच पानी मिला ले अब आप कुटजघन वटी के चार गोली ले लें, गोली मुंह में डालकर कुटजारिष्ट सिरप के साथ पी जाए।

ऐसे आपको कुटजारिष्ट सिरप के साथ कुटजघन वटी गोली को सुबह एवं शाम दोनो टाइम खाली पेट लेना है और शाम तक ही आपका कोलाइटिस या आंव की बीमारी खत्म हो जाएगी लेकिन इस दवा को कम से कम 3 से 5 दिन चलाना है।

कोलाइटिस के बीमारी ज्यादा होने पर आप कुटजारिष्ट एवं कुटजघन वटी के साथ गंगाधर और बिल्वादि चूर्ण भी ले सकते हैं।

कोलाइटिस में क्या खाएं?

आयुर्वेद में दवाओं के साथ खानपान पर भी नियंत्रण करना होता है तभी दवाएं सही से काम करती है।

कोलाइटिस या आंव की बीमारी होने पर आप मूंग के दाल का खिचड़ी में दही या गाय या बकरी के दूध से बना हुआ छाछ मिलाकर खाएं आप इस खाने को सुबह दोपहर एवं शाम तीनों टाइम ले सकते हैं।

कम से कम 3 दिन तक खिचड़ी खाए, तला भुना एवं भारी भोजन से बचे रहें जब तक कोलाइटिस या आंव अच्छी तरह से ठीक हो जाए उसके बाद ही भारी भोजन लेवे।

कोलाइटिस में अनार का सेवन करें

एक कहावत कहा गया है एक अनार सौ बीमारी को ठीक करता है और ये कहावत बिल्कुल सही है। पेट के लिए अनार बहुत ही फायदेमंद होता है।

कोलाइटिस या आंव के बीमारी होने पर सुबह खाली पेट अनार को चबा चबा कर खाएं। आप अनार को सुबह एवं शाम दोनो टाइम ले सकते हैं।

अनार के अलावा कोलाइटिस होने पर पका हुआ पपीता एवं चीकू भी खा सकते हैं। बहुत से लोगों को अनार खाने से गैस बनता है तो इस स्थिति में अनार को चबाकर चुस लें एवं उसके फाइबर को बाहर फेंक देवें।

अल्सरेटिव कोलाइटिस में योग प्राणायाम

अब हम पेट की सभी बीमारियों के लिए आपको कुछ योगासन एवं प्राणायाम के बारे में बताएंगे इन योग आसनों को करके कोलाइटिस से लेकर लिवर एवं आंतों की सभी बीमारियों में अत्यंत लाभ मिलता है।

कोलाइटिस या आंव के बीमारियों से लेकर लीवर एवं आंतों की किसी भी तरह की बीमारी होने पर नीचे बताए गए आसनो को करें।

  • पवनमुक्तासन
  • उत्तानपादासन
  • हलासन
  • नौकासन
  • सुप्त वज्रासन
  • सुप्त पद्मासन
  • मंडूकासन

ऊपर बताए गए सभी आसनों को 2 मिनट से शुरू करके 10-10 मिनट तक करें चाहे आप किसी रोग से ग्रस्त ना हो तो भी इन आसनों को पेट को सदा स्वस्थ रखने के लिए करते रहना चाहिए।

आसनों के अलावा आप प्राणायाम जैसे कपालभाति को भी धीरे धीरे 2 मिनट से शुरू करके 5 एवं 10 मिनट या फिर 20 मिनट तक कर सकते हैं।

नोट: ऊपर बताए गए सभी आसनों एवं प्राणायाम को सुबह खाली पेट ही करें एवं साफ-सुथरे वातावरण में बैठकर करें साथ ही इन आसनों को करते समय आप कपालभाति या भस्त्रिका प्राणायाम भी एक साथ कर सकते हैं।

कोलाइटिस में क्या ना खाएं?

कोलाइटिस एवं आंव के बीमारी में दूध घी एवं मीठा या मीठे से बने कोई भी खाद्य पदार्थ बिल्कुल भी ना खाएं क्योंकि अगर आप दवा खा भी रहे हैं और दूध और घी एवं मीठा खाना बंद नहीं करते हैं तो फिर आप कोलाइटिस के बीमारी से निजात नहीं पा सकेंगे।

कम से कम 2 से 3 दिन मूंग दाल की खिचड़ी में दही या छाछ मिला कर ही खाएं। छाछ गाय या बकरी के दूध का ही होना चाहिए। ये भी पढ़ें: पेट में गैस की रामबांण दवा

कोलाइटिस से कैसे बचे?

जब हम लगातार बहुत ही भारी एवं तला भुना भोजन करते रहते हैं तभी हमारे आते कमजोर होने लगती है और फिर खाना सही से हजम नहीं होता है।

फिर जब हम इतना सब होने के बाद भी भारी खाना बंद नहीं करते हैं तो फिर खाना बिल्कुल ही पचना बंद हो जाता है और ढिला एवं चिकना होने लगता है।

कोलाइटिस के बीमारी होने पर हम कुछ भी खाते हैं और तुरंत ही शौच के लिए जाना पड़ता है यानी खाना हजम होना बंद हो जाता है और हमारे शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगती है खून बनना बंद हो जाता है और हड्डियां कमजोर होने लगती है।

पेट का कोई भी बीमारी होने पर भारी भोजन करना बंद कर दें और हल्का भोजन जैसे मूंग की खिचड़ी इत्यादि खाएं और फिर रोग का पता लगाकर उसका इलाज करना शुरू करें।

आयुर्वेदिक दवाएं कहां से मंगाए

आयुर्वेदिक दवाओं को आप अपने नजदीकी पतंजलि मेगा स्टोर से ले सकते हैं या फिर Patanjali Order Me App के द्वारा ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं।

इसके अलावा आप patanjaliayurved.net से भी आयुर्वेदिक दवाओं से लेकर पतंजलि के अन्य हर तरह के प्रोडक्ट को ऑनलाइन आर्डर करके मंगा सकते हैं। ये भी पढ़ें: 75 Crore Surya Namaskar Registration

अब हम नीचे अपने पाठकों के द्वारा पूछे गए कुछ प्रश्नों के उत्तर दे रहे हैं, ये प्रश्न लगातार पूछे जाते हैं इसलिए हमने इनका उत्तर देना उचित समझा।

Question: क्या अल्सरेटिव कोलाइटिस पूरी तरह ठीक हो सकती है?

Answer: खूबकला, मुनक्का एवं अंजीर के काढे का सेवन से अल्सरेटिव कोलाइटिस 7 से 10 दिन में पूरी तरह से ठीक हो जाता है। अगर आपको अल्सरेटिव कोलाइटिस का शिकायत है तो इस पोस्ट में बताए गए काढा बनाने का विधि को पढ़ें एवं सेवन करना शुरू करें।

Question: अल्सरेटिव कोलाइटिस कितने दिन में ठीक होता है?

Answer: आयुर्वेदिक उपचार से अल्सरेटिव कोलाइटिस 3 दिन में ही ठीक हो जाता है लेकिन 10 से 15 दिन तक दवाओं को चलाना होता है। इस बीमारी में खूबकला, मुनक्का एवं अंजीर के द्वारा संपूर्ण इलाज हो जाता है।

Question: कोलाइटिस का आयुर्वेद में क्या कहते हैं?

Answer: अल्सरेटिव कोलाइटिस में आंतों में सूजन हो जाती है और आंतो में छाले पड़ जाते हैं एवं कुछ भी खाया हुआ पचता नहीं है। अल्सरेटिव कोलाइटिस के बीमारी में आंतों में ज्यादा दिन तक सूजन होने के वजह से अल्सर हो जाता है इसलिए इसे अल्सरेटिव कोलाइटिस कहा जाता है।

Question: कोलाइटिस में कौन सी दवा खानी चाहिए?

Answer: अल्सरेटिव कोलाइटिस में खूबकला, मुनक्का एवं अंजीर को पीस के काढा बनाया जाता है एवं इस काढे को सुबह-शाम पीने से मात्र 3 दिन में ही ये बीमारी ठीक हो जाता है लेकिन इस काढे को 10 से 15 दिन तक चलाना होता है।

Question: कोलाइटिस बीमारी में क्या परहेज करना चाहिए?

Answer: कोलाइटिस के बीमारी में दूध, घी एवं मीठा और मीठे से बने पदार्थ को तुरंत ही बंद कर देना चाहिए और मूंग के दाल का खिचड़ी एवं चीकू का फल और पपीता खाना चाहिए।

Question: आंतों की सूजन में कौन सा फल खाएं?

Answer: आंतों में सूजन या छाले पर जाने पर भारी भोजन एवं मीठा और दूध एवं घी ना खाएं। आंतों में सूजन होने पर मूंग की दाल का खिचड़ी, चीकू का फल और पपीता खाएं एवं गाय के दूध से बना हुआ दही का छाछ भी पी सकते हैं।

Question: कोलाइटिस में कौन सा योग करे?

Answer: अल्सरेटिव कोलाइटिस होने पर दूध, घी एवं मीठा को तुरंत ही बंद कर दें एवं पवनमुक्तासन, उत्तानपादासन, नौकासन, हलासन, मंडूकासन, सुप्त वज्रासन, सुप्त पद्मासन इत्यादि आसनों को एक मिनट से शुरू करके दस-दस मिनट तक कर सकते हैं। ये सभी आसन पेट के हर तरह के बीमारियों के लिए रामबाण इलाज होता है।

Question: आंतों की सूजन को कैसे कम करें?

Answer: आंतों में सूजन होने पर गरिष्ठ भोजन ना करें एवं दूध, घी और मीठा खाना बंद कर दें साथ ही पेट के लिए बताए गए आसन को एक मिनट से शुरू करके 5 से 10 मिनट तक करें। आंतों में सूजन होने पर मूंग की दाल का खिचड़ी खाए एवं फलों में चीकू अनार और पपीता का सेवन करें।

Question: कोलाइटिस क्यों होता है?

Answer: बहुत ज्यादा तला भुना एवं गरिष्ठ भोजन करने से आंतों में सूजन होने लगता है और लगातार ज्यादा दिन तक सूजन रहने से आंतों में अल्सर हो जाता है और इसे ही अल्सरेटिव कोलाइटिस का जाता है। खानपान एवं दिनचर्या को ठीक कर के कोलाइटिस से बचा जा सकता है।

नोट: ऊपर बताए गए कोलाइटिस बीमारी के आयुर्वेदिक इलाज एवं योग प्राणायाम को करने से पहले आप अपने वैध से सलाह जरूर लें और उनके निगरानी में ही इन उपचार को करें।

और अंत में

पेट से जुड़ी हर तरह के बीमारी का इलाज आयुर्वेद में सौ पर्सेंट संभव है लेकिन उपचार के साथ हमें अपना खानपान पर भी संयम बरतना पड़ता है तभी आयुर्वेदिक दवाएं अच्छी तरह से काम करती है।

हमें उम्मीद है इस पोस्ट कोलाइटिस का आयुर्वेदिक इलाज को पढ़कर आप कोलाइटिस या आंव के बीमारी का उपचार कर लिया होगा क्या अभी भी आपके पास इस पोस्ट से जुड़ी कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे और हमें बताएं।

Leave a Comment

error: Content is protected !!